Home News Headlines दुःखद:महिला इंस्पेक्टर की मौत,काफी दिनों से मानसिक तनाव में थी,पुलिसकर्मियों के लिए...

दुःखद:महिला इंस्पेक्टर की मौत,काफी दिनों से मानसिक तनाव में थी,पुलिसकर्मियों के लिए नासूर बनी बॉर्डर स्कीम

बता दें कि लखनऊ में डॉक्टर ने बताया था कि ये ब्रेन हैमरेज उन्हें बढ़ते ब्लड प्रेशर की वजह से हुआ था। वहीं थाने के लोगों की मानें तो महिला थानाध्यक्ष कई दिनों से काफी तनाव में थी और किसी से बात नहीं कर रही थीं। पीजीआई के आईसीयू में वह कोमा की हालत में भर्ती थी। उन्हें तब से होश नहीं आया था। रविवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।


 



लखनऊ/प्रयागराज/यूपी…………


उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में पोस्टेड महिला थाने की थाना प्रभारी ममता पवार की ब्रेन हैमरेज की वजह से मौत हो गयी। बीते पांच दिन से उनका इलाज लखनऊ के पीजीआइ में चल रहा था। वह मंगलवार को महिला थाने में स्थित अपने कमरे में बेहोश मिली थीं। इसके बाद उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर की वजह से ब्रेन हैमरेज हो गया है। उसी के बाद से थाना प्रभारी को लखनऊ रेफर कर दिया गया था। जहां आज उनकी मौत हो गयी फ़िलहाल उनकी मौत के बाद प्रशासन में शोक की लहर दौड़ गयी है।


क्या है पूरा मामला…………


प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से बागपत की रहने वाली ममता पवार लगभग दो महीने पहले ही सिविल लाइंस थाने में प्रभारी के पद पर तैनात हुई थीं। उनके पति वकील हैं और वह आगरा में प्रैक्टिस करते हैं। महिला इंस्पेक्टर की सात साल की एक बेटी है, जो पति के साथ ही रहती है। ममता प्रयागराज के महिला थाने में बने अपने कमरे में ही रहती थीं।

मंगलवार को सुबह 10 बजे तक नहीं उठने पर थाने पर तैनात पुलिसकर्मी उन्हें जगाने पहुंचे। बहुत आवाज देने के बाद भी जवाब नहीं मिला तो उन्हें शंका हुई। इसके बाद खिड़की के पास लगी प्लाई हटाकर देखा गया तो वह बिस्तर पर बेसुध पड़ी थीं। फ़ौरन पुलिसकर्मी उन्हें पास के निजी अस्पताल लेकर गये जहां से उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया था।


पुलिसकर्मियों के लिए नासूर बन रही हैं बॉर्डर स्कीम………


पुलिसकर्मियों द्वारा बॉर्डर स्कीम खत्म करने की माँग लगातार की जा रही लेकिन एक विचार योग्य बात अगर वो अपने घर के समीप होती तो उनका परिवार उनके साथ होता,और रात भर ऐसे बेसुध न पड़ी रहती,घर वाले और पहले अस्पताल तक पहुँचाते, और समय से इलाज मिलने की स्थिति में बच भी सकती थीं।

वरिष्ठ अधिकारियों ने शासन को कई बार लिख कर भी भेजा है,और शासन से उम्मीद भी है कि शासन अराजपत्रित कर्मियों की सबसे बड़ी बाधा को दूर कर कई ऐसी जाने बचाने के आगे आएगा। जिससे कर्मचारियों के कार्यशैली में परिवर्तन आएगा और कर्मचारी अपने परिवार का और परिवार कर्मचारी के सुख दुख के समय साथ रहेगा।

Live Share Market :

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

विनम्र श्रद्धांजलि:डबरा एसडीएम राघवेंद्र पांडे का कोरोना से निधन,इलाज के दौरान दम तोड़ा

बता दें कि एसडीएम श्री पांडे के निधन की यह खबर सुनते ही पूरे जिले के प्रशासनिक एवं मीडिया जगत में दुख की लहर...

हत्या या हादसा:TI ने लॉकअप में बंद युवक को गोली मारी,मौत,SP हटाए गए,परिजन को 10 लाख की आर्थिक सहायता

बता दें कि चोरी के संदेह पर सतना जिले के सिंहपुर थाना के लॉकअप में बंद एक युवक की थानेदार की सर्विस रिवॉल्वर से...

DG पुरुषोत्तम शर्मा का पत्नी से मारपीट का वीडियो वायरल,पद से हटने के बाद बयान,घरेलू मामला खुद सुलझा लूंगा

भोपाल/मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आईपीएस पुरुषोत्तम शर्मा अपनी पत्नी की बेरहमी से...

क्राइम ब्रांच ने मोस्ट वांटेड लिस्टेड गुंडे की जन्मदिन पार्टी पर दबिश दी,अवैध हथियारों के साथ बदमाश गिरफ्तार

बता दें कि मोस्ट वांटेड जुबेर मौलाना पर 80 से ज्यादा मामले दर्ज पुलिस के अनुसार यह पार्टी जुबेर मौलाना के जन्मदिन की थी।...

Recent Comments

error: Content is protected !!