Home News Headlines दो राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना,आतंक का पर्याय 'बबली कोल'...

दो राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना,आतंक का पर्याय ‘बबली कोल’ और लवलेश ढेर,पुलिस एनकाउंटर में मार गिराने का दावा

बता दें कि ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि बबुली कोल और उसका साथी गैंगवार में मारे गए हैं। दरअसल, फिरौती की रकम को लेकर गैंग में नए शामिल हुए लाली कोल से इनका विवाद हुआ था। इसके बाद उसने दोनों को गोली मार दी थी। हालांकि आईजी ने इससे इंकार कर दिया। उन्होंने गैंग बबुली और लवलेश ही चला रहे थे। इनके पास ही हथियार रहते थे। ऐसे में कोई नया सदस्य इन्हें मार दे, ऐसा मुमकिन नहीं है। बबुली कोल का केवल मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी आतंक था। वो इतना शातिर था कि वारदात करने के बाद दूसरे राज्य में भाग जाता था। इस वजह से वो पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था।



सतना/मध्यप्रदेश………….


एमपी और यूपी में आतंक का दूसरा नाम बने 6 लाख 50 हजार के इनामी डकैत बबुली कोल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। उसके एक और साथी लवलेश कोल भी मारा गया है।



पुलिस ने सतना के जंगल से दोनों के शव बरामद कर लिए हैं। इन दोनों के खात्मे के साथ ही सतना और विंध्य में डकैतों का सफाया हो गया है।


क्या है पूरा मामला………….



पुलिस के मुताबिक बीती रात धारकुंडी के लेदरी जंगल में ये मुठभेड़ हुई थी। जोन के आईजी चंचल शेखर के मुताबिक इस मुठभेड़ में पुलिस की तरफ से 35 राउंड गोलियां चली थीं तो वहीं डकैतों ने भी किए थे 15 फायर। बबुली कोल पर 6 लाख 50 हजार का नाम था तो लवलेश कोल पर 1 लाख 80 हजार का इनाम था। आज सुबह पुलिस ने जंगल से दोनों इनामी डकैतों के शव बरामद कर लिए। पोस्टमॉर्टम के लिए जब मझगंवा में दोनों शवों को अस्पताल लाया गया तो वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई।

एनकाउंटर के बाद रीवा रेंज के आईजी चंचल शेखर ने बताया कि," बबुली कोल चित्रकूट, विंध्य और सतना में आतंक का पर्याय बना हुआ था। इस पर यूपी और मध्य प्रदेश में 100 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें हत्या और अपहरण के भी कई संगीन अपराध शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पांच सितंबर को बबुली कोल ने सतना के एक गांव से किसान का अपहरण किया था। उसके बाद से ही मध्य प्रदेश पुलिस की 50 सदस्यीय टीम इनकी तलाश में जंगलों की खाक छान रही थी। रविवार शाम को मुखबिर से इनकी लोकेशन मिलने के बाद पुलिस टीम ने बबुली कोल को ललकारा। जवाब में उसने फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में बबुली कोल और उसका खास साथी लवलेश ढेर हो गया। इनके पास से घऱेलू इस्तेमाल का सामान मिला है। साथ ही 12 बोर की राइफल और एक कट्टा भी बरामद हुआ है। वहीं एनकाउंटर के बाद इसके बाकी साथी फरार हो गए हैं।


बबुली का आतंक की कहानी……….


आईजी चंचल शेखर ने बताया कि बबुली कोल 2011 से ही बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहा था। सतना से लेकर यूपी की सीमा तक के 70 किलोमीटर इलाके में इसकी तूती बोलती थी। समाज के लोग भी इसकी मदद करते थे। इसका मुखबिर तंत्र इतना मजबूत था कि पुलिस के आने से पहले ही उस तक जानकारी पहुंच जाती थी। इसलिए हर बार ये मौके से फरार हो जाता था। ऐसे में इसका सफाया पुलिस की बड़ी कामयाबी है। इसके अंत के साथ ही एक और इंटरस्टेट लिस्टेड डकैत गैंग का पूरी तरह खात्मा हो गया है।

गौरतलब है कि अपहरण, हत्या और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाला बबुली कोल का नाम 2011 में सामने आया था। शुरुआत में ये बलखड़िया और ठोकिया गिरोहों का सहयोगी रहा। लेकिन इनके खात्मे के बाद बबुली ने अपना गैंग खड़ा किया था और विंध्य-सतना में आतंक का दूसरा नाम बन गया था। ये केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि यूपी में भी वारदातों को अंजाम देता था। दस्यु सरगना की हनक कुछ ऐसी थी कि दोनों राज्यों की पुलिस तक उससे खौफ खाती थी। वो इतना शातिर था कि वारदात एक राज्य में करता था और फरारी दूसरे सूबे में काटता।


हालही में किसान का किया था अपहरण…………



बता दें कि पिछले हफ्ते शनिवार को डकैत बबुली कोल ने सतना के किसान अवधेश द्विवेदी को उसके घर से अगवा कर लिया था। वारदात को तड़के तीन बजे अंजाम दिया गया था। डकैत बबुली कोल ने पहले किसान के नौकर को बंदूक की नोक पर अपने कब्जे में लिया था। इसके बाद डकैतों ने नौकर पर दबाव बनाया कि वो घऱ का दरवाजा खुलवाए।

नौकर के आवाज लगाने पर किसान अवधेश ने जैसा ही दरवाजा खोला था, डकैतों ने उसे अगवा कर लिया। किसान का अपहरण करने के बाद बबुली कोल गिरोह ने किसान के परिवार को फोनकर पचास लाख की फिरौती मांगी थी। इसके बाद से ही पुलिस ने इलाके में कैंप कर रखा था। अलग-अलग टीमें जंगल के भीतर किसान की तलाश में सर्चिंग कर रही थी। खुद रीवा रेंज के आईजी चंचल शेख, एसपी रियाज इकबाल ने कैंप किया हुआ था। लेकिन पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था। सर्चिंग में यूपी पुलिस की भी मदद ली गई थी। इसके बाद अचानक किसान अपने घऱ पहुंचा था। इसके बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि वो फिरौती देकर सकुशल छूटा था।


कौन है बबली कोल……..??????


दो राज्यो की पुलिस को खुली चुनौती देने वाला बबली कोल उत्तर प्रदेश के मानिकपुर के पास एक गांव का रहने वाला है। 2006 में पुलिस ने डकैतों के मददगार के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था। छह माह की जेल काटने के बाद बबली कोल बंदूक लेकर जंगल में कूद गया और 2007 में मानिकपुर रेलवे स्टेशन के पास कामायनी एक्प्रेस ट्रेन में पहली डकैती डाली थी। विरोध करने पर एक विदेशी रशियन महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसके बाद बबली कोल ने दो राज्यों के आधा दर्जन जिलों में दहशत फैला रखी थी।


बबली कोल के अपराध को सूची बद्ध करने के लिए अंतर्राज्यीय अपराध सेल खोला गया। इसमें उसके खिलाफ डेढ़ दर्जन हत्या सहित दो दर्जन से ज्यादा अपहरण की वारदात पंजीबद्ध हैं। अब तक का रिकॉर्ड है कि जब भी डकैत बबली कोल ने किसी का अपहरण किया, उसे बिना फिरौती लिए नहीं छोड़ा।

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